बुझाकर ख़ुशियों के सारे चराग़, हर-सू ग़मों का साया कर दिया,
हम गिला भी करें तो किससे, जब अपनों ने ही हमें पराया कर दिया !
Bujhakar khushiyon ke saare charag, har-soo gumon ka saaya kar diya,
Hum gila bhi karen toh kisase, jab apnon ne hi humen paraya kar diya !
- चराग़ - दीपक, दीप, दिया, लैम्प
- हर-सू - चारों और, हर तरफ़
- गिला - शिकायत, उलाहना, निंदा
- Article By. Dharm_Singh
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