जी तो रहा हूँ मैं ज़िन्दगी, पर जीने का कोई मौल नहीं, मेरे घर में मेरे यार, "घर" जैसा कोई माहौल नहीं..!! Jee to…
Read more »तक़दीर का लिखा यहाँ किसने देखा है, होगा वही जो हाथों में तेरे खिंची रेखा है, तू धर्म की राह पर बस कर्म करता जा.., उसके द…
Read more »थोड़ा ढ़लने दे वक़्त के साथ तेरे हुश्न-ओ-शबाब को, बेवफ़ा मुझें तेरे चाहने वालों की 'तादाद' देखनी है..! Thoda dhalne…
Read more »जिसके 'नाम' हमने अपनी ज़िन्दगानी कर दी, अफ़सोस... उसी ने अधूरी मेरी कहानी कर दी। Jiske 'naam' humne apni …
Read more »जीवन इतना सरल और सहज भी नहीं है, यहाँ हर चीज़ की कीमत चुकानी पड़ती है, मरने तक जिंदा रहकर, ख़ुद अपने ही कंधों पे अपनी जिंद…
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