हमको नहीं है ज़माने की कोई ख़ैर-ओ-बद की ख़बर,
हम तो इक बेवफ़ा की यादों में मशगूल रहा करते हैं..!
Humko nahin hai zamane ki koi khair-o-bad ki khabar,
Hum toh ik bewafa ki yaadon mein mashgool raha karte hain..!
- ख़ैर-ओ-बद - अच्छा-बुरा
- मशगूल - व्यस्त, लीन, किसी कार्य में लगा हुआ
- Article By. Dharm_Singh
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