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Bewafa 2 line shayari...

Bewafa_2_line_shayari


हमको नहीं है ज़माने की कोई ख़ैर-ओ-बद की ख़बर,
हम तो इक बेवफ़ा की यादों में मशगूल रहा करते हैं..!

Humko nahin hai zamane ki koi khair-o-bad ki khabar,
Hum toh ik bewafa ki yaadon mein mashgool raha karte hain..!



  • ख़ैर-ओ-बद - अच्छा-बुरा
  • मशगूल - व्यस्त, लीन, किसी कार्य में लगा हुआ

  • Article By. Dharm_Singh

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