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Tohmat shayari...

Tohmat_shayari


तू तोहमत ना लगा मेरी मोहब्बत पे बेमुरव्वत,
मैंने चाहा है तुझें ख़ुदा की इबादत समझ कर !

Too tohmat naa laga meri mohabbat pe bemuravvat,
Maine chaaha hai tujhen khuda ki ibadat samjh kar !



  • तोहमत - झूठा आरोप, लांछन, इल्ज़ाम
  • बेमुरव्वत - निष्ठुर, बेरहम, निर्दयता, जिसमें शील संकोच न हो
  • इबादत - पूजा, आराधना, उपासना, बंदगी

  • Article By. Dharm_Singh

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