उन आँखों में फिर नये ख़्वाब कहाँ सज़ा करते हैं,
दर्द के दरिया जिनमें मुसलसल बहा करते हैं...!!
Un aankhon mein fir naye khwab kahan sazaa karte hain,
Dard ke dariya jinmein musalsal bahaa karte hain...!!
- दरिया - नदी
- मुसलसल - निरंतर, लगातार, सतत
- Artice By. Dharm_Singh
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