आरज़ू-ए-उल्फ़त में दिल किसी की फिर बेक़रार ही ना हुआ,
जो हुआ तुमसे बेवफ़ा फिर वो हमें किसी से प्यार ही ना हुआ !
Aarzoo-e-ulfat mein dil kisi ki fir beqarar hi na huaa,
Jo huaa tumse bewafa fir woh humen kisi se pyar hi na huaa...!!
- आरज़ू - इच्छा, कामना, अभिलाषा, तमन्ना, चाहत, खाहिश
- उल्फ़त - प्रेम, इश्क़, प्यार, प्रीति, याराना, मित्रता
- बेक़रार - बेचैन, अत्यंत उत्सुक, विकल, व्याकुल, आतुर
- Article By. Dharm_Singh
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