यूँ ही मिलकर मुसाफ़िर मंज़िल से दूर नहीं हुआ करते हैं,
कुछ फ़ैसले मेरे यार किस्मत को मंज़ूर नहीं हुआ करते हैं !
Yoon hee milkar musafir manzil se door nahin huaa karte hain,
Kuch faisale mere yaar kismat ko manzoor nahin huaa karte hain !
- Article By. Dharm_Singh
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