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Sad shayari dp...

Sad_shayari_dp


वो क्या ख़ाक समझेंगें वफ़ा की कीमत मेरे यार,
जो ख़ुद बेवफ़ाओं को तवज्जो दिया करते हैं !

Woh kya khaak samjhengen wafa ki keemat mere yaar,
Jo khud bewafaon ko tavajjo diya karte hain !



  • तवज़्ज़ो - मान-आदर, आवभगत, ध्यान, रुख

  • Article By. Dharm_Singh

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