गुज़र गया वो वक़्त मेरे यार, जब हमको तुम्हारी तलब हुआ करती थी,
इक हसरत थी तेरे संग ज़िन्दगी जीने की, जो बेमतलब हुआ करती थी !
Guzar gaya woh waqt mere yaar, jab humko tumhari talab huaa karti thi,
Ik hasrat thi tere sang zindagi jeene ki, jo bematlab huaa karti thi !
- Article By. Dharm_Singh
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