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Muskurane wali shayari...

Muskurane_wali_shayari


धज्जियाँ उड़ती देखी है हमने अपनी ही ख़्वाहिशों की,
यूँ ही नहीं सीखा ये "सलीके" से मुस्कुराने का हुनर !

Dhajjiyan udati dekhi hai humne apni hi khwahishon ki,
Yoon hi nahin sikhaa yeh "salike" se muskurane ka hunar !



  • ख़्वाहिश - अभिलाषा, चाह, आरज़ू, तमन्ना, अरमान, इच्छा
  • सलीका - स्वाभाविक ढंग, तरीका, शिष्टता, योग्यता, तहज़ीब
  • हुनर - कला, कौशल, गुण, योग्यता, कारीगरी, अंदाज़
 

  • Article By. Dharm_singh

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