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Dil rota hai shayari...

Dil_rota_hai_shayari


मुझें कहाँ पता था मेरे यार, ये मर्ज़-ए-मोहब्बत क्या होता है,
मोहब्बत की तो पता चला, इसमें आँखों से ज्यादा दिल रोता है !

Mujhen kahan pata tha mere yaar, yeh marz-e-mohabbat kya hota hai,
Mohabbat kee toh pata chala, ismein aankhon se jyada dil rota hai !



  • मर्ज़-ए-मोहब्बत - प्यार का रोग़, मोहब्बत की बीमारी

  • Article By. Dharm_Singh

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