मुझें कहाँ पता था मेरे यार, ये मर्ज़-ए-मोहब्बत क्या होता है,
मोहब्बत की तो पता चला, इसमें आँखों से ज्यादा दिल रोता है !
Mujhen kahan pata tha mere yaar, yeh marz-e-mohabbat kya hota hai,
Mohabbat kee toh pata chala, ismein aankhon se jyada dil rota hai !
- मर्ज़-ए-मोहब्बत - प्यार का रोग़, मोहब्बत की बीमारी
- Article By. Dharm_Singh
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