दर्द की तुम्हारे इंतिहा कुछ कम हुई है, इसे बेहद ही कर जाओ,
आओ के फ़िर से मेरे दिल के हिस्से, कोई नई ज़द ही कर जाओ !
Dard ki tumhare intiha kuch kam hui hai, ise behad hi kar jaao,
Aao ke fir se mere dil ke hisse, koi nai zad hi kar jaao !
- इंतिहा - इंतहा, सीमा, बहुत ज्यादा, अत्यधिक, पराकाष्ठा
- बेहद - बहुत अधिक, अपार, असीम, जिसकी कोई सीमा न हो
- ज़द - चोट, आघात, मार, निशान, हानि, नुकसान
- Article By. Dharm_Singh
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