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2 line dard shayari...

2_line_dard_shayari


दर्द की तुम्हारे इंतिहा कुछ कम हुई है, इसे बेहद ही कर जाओ,
आओ के फ़िर से मेरे दिल के हिस्से, कोई नई ज़द ही कर जाओ !

Dard ki tumhare intiha kuch kam hui hai, ise behad hi kar jaao,
Aao ke fir se mere dil ke hisse, koi nai zad hi kar jaao !



  • इंतिहा - इंतहा, सीमा, बहुत ज्यादा, अत्यधिक, पराकाष्ठा
  • बेहद - बहुत अधिक, अपार, असीम, जिसकी कोई सीमा न हो
  • ज़द - चोट, आघात, मार, निशान, हानि, नुकसान

  • Article By. Dharm_Singh

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