Advertisement

Tujhe pa na sake shayari...

Tujhe_pa_na_sake_shayari


तुझें पा ना सका ये क़िस्मत की बात है,
पर चाहूँगा तुझें उम्रभर ये मेरे हाथ है !

Tujhen pa na saka yeh kismat ki baat hai,
Par chahunga tujhen umrbhr yeh mere hath hai !



  • Article By. Dharm_Singh

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

  1. शौक़-ए-तमन्ना को ये आरज़ू इन दिनों,
    राह भी हो और मंज़िल का पता भी हो।
    दिल की ये हसरत के हो एक ऐसा सफर,
    क़दम रुके भी ना और थकन का शिकार भी हो।
    आरज़ू-ए-ख़्वाब में ये ख्वाहिशें पल रही हैं,
    दूरियाँ भी हों और पासी का असर भी हो।
    जुस्तुजू है ऐसी, कोई नक़्श-ए-क़दम मिले,
    रास्ता भी हो और वो रहगुज़र भी हो।
    फलक से बातें भी हों और खामोशी भी,
    आवाज़ भी गूंजे और सन्नाटा असर भी हो।

    🥀🥀🥀🥀💔💔💔💔

    जवाब देंहटाएं