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Khata shayari...

Khata_shayari


ख़ता ख़ुद की ही थी, तो फ़िर अब गिला क्या है,
मोहब्बत में किसी को, दर्द के सिवा मिला क्या है !

Khata khud ki hi thi, toh fir ab gila kya hai,
Mohabbat mein kisi ko, dard ke siva mila kya hai ! 



  • ख़ता - भूल, चूक, कसूर, ग़लती, जुर्म, दोष, त्रुटी, अपराध
  • गिला - शिकवा, शिकायत, निंदा, उलाहना, उपालंभ
  • सिवा - अलावा, अतिरिक्त, छोड़कर

  • Article By. Dharm_Singh

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