Advertisement

Urdu sad shayari...

Urdu_sad_shayari


ऐ तबीब कोई तो ऐसी दवा लिख़ तू मेरे मर्ज़ की,
याद भी करूँ तो याद ना आये मुझें उस कमज़र्फ की !

Aye tabib koi toh aisi dava likh too mere marz ki,
Yaad bhi karoon toh yaad na aaye mujhen us kamzarf ki !



  • तबीब - हकीम, चिकित्सक, वैद्य
  • मर्ज़ - रोग, बीमारी, व्याधि, बेचैनी, कोई विशेष रोग
  • कमज़र्फ - अयोग्य, ओछा, कुपात्र, नीच

  • Article By. Dharm_Singh

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ