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Nazar shayari...

Nazar_shayari


जज़्बातों की यहाँ कहाँ कदर होती है,
पत्तों का रुख़ हवाएं जिधर होती है,
और बिन कहे हाल-ए-दिल पढ़ ले,
ऐसी कहाँ हर कोई "नज़र" होती है !

Jazbaton ki yahan kahan kadar hoti hai,
Patton ka rukh hawayen jidhar hoti hai,
Aur bin kahe haal-e-dil padh le,
Aisi kahan har koi "nazar" hoti hai !



  • जज़्बात - भावनाएँ, ख़यालात, विचार, भावात्मक, भावुक, भाव
  • कदर - सम्मान, दर्जा, अहमियत, आदर, सत्कार, इज्ज़त, मूल्य
  • रुख़ - मुख, दिशा, तरफ़, पक्ष, ओर, आकृति
  • हाल-ए-दिल - दिल का हाल
  • नज़र - नेत्र, आँखें, निगाहें, दृष्टि, देखना

  • Article By. Dharm_Singh

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