शिद्दत से सजाये थे कुछ ख़्वाब, न जाने कहाँ गुम हो गये,
हम "हम" ना रहे अब यार, उनके लिए महज़ तुम हो गये !
Shiddat se sajaye the kuch khwab, na jaane kahan gum ho gaye,
Hum "hum" naa rahe ab yaar, unke liye mahaz tum ho gaye !
- शिद्दत - लगन, तीव्र भावना, कठिनाई, कष्ट, गंभीरता, अधिकता, प्रबलता, उग्रता
- ख़्वाब - सपना, स्वप्न, नींद में होना, नींद
- महज़ - मात्र, सिर्फ़, केवल, निरा, निर्मल, खालिस
- Article By. Dharm_Singh
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