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Kismat sad shayari...

Kismat_sad_shayari


ना अपनों से गिला होगा, ना ग़ैरों से कोई शिकायत होगी,
जिस रोज़ क़िस्मत मेहरबां, और ख़ुदा की इनायत होगी !

Na apnon se gila hoga, na gairon se koi shikayat hogi,
Jis roj kismat meharbaan, aur khuda ki inaayat hogi !



  • गिला - शिकवा, शिकायत, उलाहना, निंदा,उपालंभ 
  • मेहरबां - मेहरबान, कृपा, दया
  • इनायत - अनुकंपा, दया, उपकार, अनुग्रह, मेहरबानी, दयालुता

  • Article By. Dharm_Singh

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