उलझीं हुई ज़िन्दगी को, इक पल में संवार लूँ,
जी करता है, अपने ही सीने में खंजर उतार लूँ !
Ulajhi hui zindagi ko, ik pal mein sanwar loon,
Jee karta hai, apne hi seene mein khanjar utar loon !
- पल - समय कि लघुतम इकाई, एक क्षण
- खंज़र - छोटी तलवार, कटार, छुरी
- Article By. Dharm_Singh
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