ऐ ख़ुदा, तू थोड़ा और इज़ाफ़ा कर मेरे रंज-औ-ग़म में,
मेरे दुश्मनों के चेहरों पर, ये उदासियाँ अच्छी नहीं लगती !
Aye khuda, too thoda aur izafa kar mere ranj-o-gum mein,
Mere dushmnon ke chehron par, yeh udasiyan achchhi nahin lagti !
- इज़ाफ़ा - वृद्धि, बढ़ोतरी, उन्नति, तरक्की, बढ़त
- रंज-औ-ग़म - मुसीबतें, कष्टसमूह, दुःख, पीड़ा
- Article By. Dharm_Singh
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