चले जो राह-ए-इश्क़ कुछ दूर, तो हमें इतना मालूम हुआ,
कि दिल खोता ही नहीं, तड़प-तड़प कर रोता भी बहुत है !
Chale jo raah-e-ishq kuch door, toh humen itna maloom huaa,
Ki dil khota hi nahin, tadap-tadap kar rota bhi bahut hai!
- राह-ए-इश्क़ - इश्क़ की राह
- Article By. Dharm_Singh
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