तन्हाइयों के बिस्तर पर, ग़मों की चादर ओढ़ कर,
इक ज़िन्दा लाश करवटें ले रही है, जज़्बातों से मुहँ मोड़ कर !
Tanhaiyon ke bistar par, gumon ki chadar odh kar,
Ik zinda lash karvaten le rahi hai, jazbaton se muh mod kar !
- तन्हाई - तन्हा, जुदाई, अकेलापन, एकाकीपन, एकांत
- ग़म - गहरा दुःख, शोक, रंज, चिंता
- जज़्बात - भावनाएँ, ख़यालात, विचार, अहसास
- Article By. Dharm_Singh
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