अपने ही अश्क़ों को मैं, पानी की तरहा पी कर बताऊंगा,
कैसे जीते हैं रंज-औ-ग़म में ज़िन्दगी, वो जी कर बताऊंगा !
Apne hi ashqon ko main, pani ki taraha pee kar bataunga,
Kaise jite hain ranz-o-gum mein zindagi, voh ji kar bataunga !
- अश्क़ - आँसू, अश्रु,
- रंज-औ-ग़म - कष्ट, क्लेश, ग़म, तकलीफ़, दुःख और शोक
- Article By. Dharm_Singh
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