निकल गया अब ये भरम भी कि 'अपने' अपने होते हैं,
ख़ुद की मौत ख़ुद ही मरते हैं बाक़ी सब सपने होते हैं !
Nikal gayaa ab yeh bharam bhi, ki 'apne' apne hote hain,
Khud ki maut khud hi marte hain, baaki sab sapne hote hain !
- भरम - रहस्य, वहम, संदेह, राज़, भेद
- Article By. Dharm_Singh
0 टिप्पणियाँ