नशा शराब का हो या शबाब का, उतर ही जाता है,
मदहोशी का वादा, होश आने पर मुकर ही जाता है !
Nasha sharab ka ho ya shabab ka, utar hi jaata hai,
Madhoshi ka wada, hosh aane par mukar hi jaata hai !
- शबाब = जवानी, यौवन, यौवन काल, युवाकाल, तरुणाई, युवावस्था
- मदहोश - मतवाला, नशे में धुत, बेसुध, नशे के कारण जिसके होश ठिकाने न हो
- वादा - वचन, प्रतिज्ञा, इक़रार
- Article By. Dharm_Singh
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