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Jab zindagi hee...

Jab_zindagi_hee


जब ज़िन्दगी ही गुज़र रही है मेरी, दर्द की पनाह में,
तो थोड़े से काँटे तुम भी बिखेर लो यार, मेरी राह में !

Jab zindagi hee guzar rahi hai meri, dard ki panaah mein,
Toh thode se kante tum bhi bikher lo yaar, meri raah mein !



  • पनाह - शरण, हिमायत, सहारा, के साये में
  • काँटे - शूल, विकट पीड़ा
  • राह - पथ, मार्ग, रास्ता

  • Article By. Dharm_Singh

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