Advertisement

Tumhari yaaden bhi...

Tumhari_yaaden_bhi


कमबख़्त तुम्हारी यादें भी, हम पर बड़ा ज़ुल्म-औ-सितम ढ़ाती है,
जो तुम्हारे आने से पहले, और बाद जाने के बेइंतिहा आती है...!!

Kambakht tumhari yaden bhi, hum par bada zulm-o-sitam dhati hai,
Jo tumhare aane se pahle, aur baad jaane ke beintiha aati hai...!!



  • सितम - अत्याचार, ज़ुल्म, कष्ट पहुँचाना, अनीति, ज़बर्दस्ती, निरीह
  • बेइंतिहा - असीम, अपार, बेहद, अन-गिनत, बे-हिसाब, बेशुमार

  • Article By. Dharm_Singh

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ